औरंगाबाद : बुलंदशहर थाना क्षेत्र के एक गांव में गन्ना छीलने वाले बिहारी मजदूर की संदिग्धावस्था में मौत हो गई। बिहारी मजदूर का शव पेड़ पर लटका मिला। जहां एक ओर ग्रामीण मृतक की पत्नी को उसकी मौत का जिम्मेदार बताते नहीं थक रहे वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि नशेड़ी पति और पत्नी दोनों में शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और खिन्न होकर मृतक ने पेड़ से लटक कर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने भेजा है।गांव राजगढ़ी थाना औरंगाबाद में किसान जगवीर सिंह पुत्र मानसिंह के ईख के खेतों में गन्ना छीलने का काम चल रहा है। गन्ना छोल करने के लिए लखीमपुर खीरी के थाना पड़वा अंतर्गत ग्राम मोहनपुर से लगभग बीस दिन पहले सिया राम पुत्र छत्रपाल सिंह उर्फ बहादुर उम्र लगभग पैंतालीस साल अपनी पत्नी शांति के साथ गांव राजगढ़ी आया था और जगवीर सिंह के घेर में रह रहा था। पति पत्नी दोनों रविवार की सुबह लगभग नौ बजे गन्ने की छोल करने खेतों की ओर चले। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों ने फ्रूटी शराब तीन पब्बे कहीं से खरीदेऔर किसी बिरयानी वाले से बिरयानी खरीदी। दोनों ने श्मशान के गेट के पास नल पर बैठ कर शराब पी और नशा पानी करके खेत में चले गए। वहां आग जला कर हाथ भी सेके। दोपहर पत्नी शांति ने गांव में आकर ग्रामीणों को अपने पति के लापता होने की जानकारी देते हुए तरह तरह की बातें बताई। ग्रामीणों ने सियाराम की खोजबीन शुरू की तो उसका शव बेरी के पेड़ से लटका मिला। संदिग्धावस्था में लाश मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रामनरायण सिंह ने मय पुलिस बल मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने भेजा। थाना प्रभारी रामनरायण सिंह ने बताया कि दोनों पति-पत्नी में शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और क्षुब्ध होकर पति सियाराम ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दूसरी ओर ग्रामीण मृतक की पत्नी शांति को अपने पति की हत्यारी बता रहे थे। असलियत का पता जांच पड़ताल के बाद ही सही ढंग से लग सकेगा कि सियाराम की मौत खुदकुशी है या फिर पत्नी द्वारा की गई हत्या।
बिहारी मजदूर की संदिग्धावस्था में मौत पेड़ से लटका मिला शव पति पत्नी कीआपसी कहासुनी में खुदकुशी या फिर पत्नी बन गई अपने ही पति की हत्यारी?
