कांग्रेस ने किया “मनरेगा बचाओ संग्राम” का शंखनाद, पंचायत स्तर पर करेंगे संवाद

गरीब और मजदूर विरोधी है भाजपा सरकार, मनरेगा ग्रामीण भारत की लाइफ़ लाइन

बुलंदशहर : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत आज जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने पत्रकार वार्ता कर मनरेगा को बचाने के लिए 45 दिन के जनआंदोलन का शंखनाद किया। कांग्रेस ने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ग्रामीणों और मनरेगा मजदूरों के साथ चौपाल आयोजित करने का ऐलान किया और लड़ाई को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कांग्रेस 11 जनवरी को मलका पार्क में गांधी मूर्ति पर एक दिवसीय उपवास से यह अभियान शुरू करेगी और जिले की प्रत्येक बड़ी पंचायत में ग्रामीणों से संवाद चौपाल आयोजित करेगी। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए जा रहे कथित बदलाव ग्रामीण भारत के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। कांग्रेस इन बदलावों का सड़कों से लेकर संसद और न्यायालय तक हर स्तर पर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (G-RAM-G)” करने का प्रयास कर रही है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम और उनकी सोच का अपमान है। यह नाम परिवर्तन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि योजना को कमजोर करने की साजिश है। जियाउर्रहमान ने कहा कि नए कानून के जरिए मनरेगा के तहत काम के “अधिकार” को समाप्त कर इसे एक सामान्य बजट-आधारित “योजना” में बदला जा रहा है, जिससे करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका असुरक्षित हो जाएगी।उन्होंने बताया कि नए अधिनियम से मनरेगा का विकेंद्रीकृत स्वरूप खत्म हो रहा है। अब फंड का निर्धारण दिल्ली से होगा, जिससे कई पंचायतों को शून्य निधि मिलने का खतरा है।इसके साथ ही जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों पर 40 प्रतिशत लागत वहन करने का अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाल रही है, जिससे गरीब, मजदूर और बेरोजगार तबकों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। भाजपा सरकार गरीब, मजदूर और आमजन की विरोधी सरकार है।।कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि मनरेगा के मूल प्रावधानों को पूर्ण रूप से बहाल किया जाए। किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लिया जाए। ₹400 की राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाए।मनरेगा कॉर्डिनेटर प्रज्ञा गौड़ ने कहा कि यह अभियान जमीनी स्तर तक ले जाया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय तथा विधायी मंचों पर भी कांग्रेस संघर्ष करेगी। कांग्रेस ग्रामीण भारत के श्रमिकों, किसानों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण भारत की आजीविका की लाइफ लाइन है, इसको खत्म करने का प्रयास मजदूरों और गरीबों को खत्म करने का प्रयास है ।कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल संवाद आयोजित होंगी और 30 जनवरी को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। 31 से 6 फरवरी के बीच जिला मुख्यालय पर बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में भी बुलंदशहर की बड़ी भागीदारी होगी।इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एड, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनरेगा कॉर्डिनेटर प्रज्ञा गौड़, प्रशांत बाल्मिकी, देशदीपक भारद्वाज, ज्ञानेंद्र राघव, मनीष चतुर्वेदी एड., आशु कुरैशी, भजनलाल जाटव, नईम मंसूरी, सचिन वशिष्ठ , सादिक सैफी, सलीम चौधरी, मोहनलाल, राजेंद्र सागर, ऋतिक कुमार, साहिल शाह, अजय राज विमल आदि उपस्थित रहे ।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *