बुलन्दशहर : कलैक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में चल रही प्रवर्तन कार्यवाहियों, सैंपलिंग और न्यायालय में दायर वादों की विस्तार से समीक्षा की गई।डीओ फूड ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में माह जनवरी 2026 तक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जनपद में 274 छापेमारी की गई, जिनके दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के 624 नमूने लेकर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। अब तक प्राप्त 432 जांच रिपोर्टों में से 254 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।मानक विहीन पाए गए नमूनों पर कार्रवाई करते हुए जनवरी 2026 तक कुल 230 परिवाद न्याय निर्णायक अधिकारी न्यायालय, बुलंदशहर तथा 65 परिवाद न्यायिक न्यायालय में दाखिल किए गए। न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा 130 परिवादों में विभिन्न खाद्य कारोबारियों पर कुल 47,10,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।इसके अतिरिक्त न्यायिक न्यायालय द्वारा एक प्रकरण में अभियुक्त को 6 माह का कारावास व 1,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में टीआरसी के साथ 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी व खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षणों, छापों, सैंपलिंग और दायर वादों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।आगामी त्यौहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की सघन सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए। खासतौर पर दूध और पनीर पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के नाम पर किसी का शोषण न हो। प्रवर्तन मुख्य रूप से निर्माण इकाई वाले बड़े प्रतिष्ठानों पर केंद्रित किया जाए तथा छोटे दुकानदारों पर आवश्यक होने पर ही कार्रवाई की जाए।बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रमोद कुमार पांडेय, सहायक आयुक्त (खाद्य) विनीत कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
274 छापे, 254 नमूने फेल, 47.10 लाख का अर्थदंड
