बुलंदशहर : में प्रयागराज माघ मेले में भगवान शंकराचार्य के प्रति अपमानजनक व्यवहार तथा उनके शिष्यों व ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ सिखा व चोटी पकड़कर घसीटते हुए मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण एवं सनातन धर्म की भावनाओं को आहत करने वाली है।इस संबंध में ब्राह्मण एकता सभा के युवा जिला अध्यक्ष बुलंदशहर सचिन वशिष्ठ खैरपुर ने गहरा दुख एवं आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना न केवल ब्राह्मण समाज का बल्कि पूरे सनातन धर्म का खुला अपमान है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि ब्राह्मणों का ऐसा अपमान न तो मुगलकाल में हुआ और न ही अंग्रेजी शासन में, जितना आज वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में देखने को मिल रहा है।सचिन वशिष्ठ खैरपुर ने कहा कि जो स्वयं को धर्म का रक्षक बताती है, उसी शासन में धर्मगुरुओं, शंकराचार्य जैसे महान संतों एवं ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ इस प्रकार का अमानवीय व्यवहार अत्यंत शर्मनाक है। ब्राह्मण समाज इस अपमान को न तो भूलेगा और न ही चुपचाप सहन करेगा।उन्होंने सरकार से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में संतों, शंकराचार्यों एवं धर्मावलंबियों के सम्मान और सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।अंत में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ऐसे कृत्यों पर रोक नहीं लगी तो ब्राह्मण समाज एवं सनातन धर्म के अनुयायी लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य व ब्राह्मणों के साथ हुई अभद्रता की कड़ी निंदा
