बुलंदशहर : जनपद की प्रतिभावान मूक-बधिर बेटी गायत्री ने अपनी दिव्यांगता को मात देते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गायत्री को दिव्यांगता पर गठित राज्य सलाहकार बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। इस उपलब्धि पर जनपद मुख्यालय स्थित ‘कृष्णा फाउंडेशन’ (दिव्यांग जन शिक्षा एवं पुनर्वास केंद्र) में उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।संघर्ष और सफलता की कहानीगायत्री की यह यात्रा आसान नहीं थी। सतीश शर्मा( अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी गाजियाबाद) ने कहा किआज के समय में लोग छोटी-छोटी परेशानियों से हताश हो जाते हैं, लेकिन गायत्री ने अपनी मूक-बधिरता को कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत बनाया। उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल अपना, बल्कि पूरे बुलंदशहर जनपद का नाम रोशन किया है।”गायत्री जैसी बेटियां समाज के लिए मिसाल हैं, जो यह साबित करती हैं कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो कोई भी शारीरिक बाधा लक्ष्य प्राप्ति में आड़े नहीं आ सकती।”नरेंद्र राठी जी ने शाल उड़ाकर गायत्री का स्वागत किया समाजसेवी चौधरी श्योपाल सिंह ने बताया कि गंभीर रूप से सुनने और बोलने में अक्षम होने के बावजूद गायत्री ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने सामान्य बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए स्नातक (Graduation) की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।मार्गदर्शकों का रहा अहम योगदानशिक्षा: स्वामी परम देव जी ने इस अवसर पर कहा कि गायत्री की सफलता में उनके शिक्षक पुष्पेंद्र नागर का विशेष योगदान है। पुष्पेंद्र जी कक्षा 2 से ही गायत्री को शिक्षा दे रहे हैं। साइन लैंग्वेज (सांकेतिक भाषा) के माध्यम से उन्हें परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया।कौशल विकास: कृष्णा फाउंडेशन की शिक्षिका रॉबिन ने गायत्री को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सिलाई-कढ़ाई, बुनाई और मेहंदी जैसे हुनर में भी निपुण बनाया है।प्रेरणा का स्रोत बनीं गायत्रीसम्मान समारोह में राजेंद्र अग्रवाल , करणवीर सिरोही,विकास सिरोही,आदि लोग उपस्थित रहे।
बुलंदशहर की मूक-बधिर बेटी गायत्री का कमाल राज्य सलाहकार बोर्ड की सदस्य नियुक्त, कृष्णा फाउंडेशन में भव्य स्वागत
