सिकंदराबाद में अटल स्मृति सम्मेलन, लोकतंत्र में सहमति–असहमति की भूमिका पर हुआ मंथन

सिकंदराबाद : भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशताब्दी के अवसर पर मंगलवार दोपहर 1 बजे जीटी रोड स्थित एक बैंकट हॉल में भाजपा की ओर से अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में अटल जी के लोकतांत्रिक मूल्यों, मर्यादा और संवाद की परंपरा को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं एमएलसी अशोक कटारिया रहे। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी लोकतंत्र के सच्चे रोल मॉडल थे। उनका संपूर्ण राजनीतिक जीवन संवाद, सहमति और संवैधानिक मूल्यों को समर्पित रहा। उन्होंने हमेशा लोकतंत्र की गरिमा को सर्वोपरि रखा।सम्मेलन में वक्ता लक्ष्मीराज सिंह ने कहा कि अटल जी ने भारतीय राजनीति को मर्यादा, संवाद और सहमति की नई दिशा दी। उन्होंने अपने आचरण से यह सिद्ध किया कि लोकतंत्र में असहमति भी उतनी ही आवश्यक है जितनी सहमति। वर्तमान राजनीतिक परिवेश में अटल जी के विचार और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।डिबाई की पूर्व विधायक अनिता लोधी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचारों और सिद्धांतों पर चलकर ही एक मजबूत और सशक्त लोकतंत्र का निर्माण संभव है।कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष विकास दीपक दूल्हेरा, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दीक्षित, मोहित सिंघल, त्रिवेशराम गुप्ता, अरविंद दीक्षित, पिंकी वोहरा, नवीन गुप्ता, मनीष भाटी, नवीन राजपूत, संजीव शर्मा, सचिन सैनी, प्रेम राणा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।सम्मेलन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों और विचारों को साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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