“बेवफ़ा अब तेरी हर बात से डर लगता है “

बुलंदशहर : जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी रविंद्र नाट्यशाला मैं शुक्रवार की शाम एक भव्य गंगा जमुनी कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के कवि और शायरों के अतिरिक्त बाहर से भी मशहूर शायरों ने शिरकत की। जिसका उद्घाटन नगर मजिस्ट्रेट प्रमुख मंत्री जिला प्रदर्शनी बुलंदशहर श्रीमान चंद्र प्रकाश प्रियदर्शी द्वारा किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन कुमार निम महासचिव जिला बार एसोशिएशन ने की तथा मुख्य अतिथि कार्यक्रम डॉक्टर सुधीर अग्रवाल जी ने एवं नदीम अख्तर उर्दू अकादमी सदस्य ने शमा रोशन की। कार्यक्रम का उम्दा संचालन सैयद अली अब्बास नौगांवी ने अपने बेहतरीन अंदाज में किया। कार्यक्रम के प्रभारी डॉक्टर हितेश कौशिक ने अपने प्रयासों से कार्यक्रम को सफल बनाया। धर्मेंद्र एडवोकेट , बीडी शर्मा एडवोकेट , प्रदीप अशोक एडवोकेट, जेपी गौतम एडवोकेट , पिपिन कुमार एडवोकेट , संजीव गौतम एडवोकेट विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। एवंकार्यक्रम का शुभारंभ शंभू दत्त त्रिपाठी की सरस्वती वंदना तथा सैयद अली अब्बास नोगाॅंवीं की नाते पाक से हुआ।कार्यक्रम में श्रोताओं द्वारा पसंद किए अशआर पाठकों की नज्र हैं— कांता भारती ने पढ़ा -पढ़ना चाहती हूं पापा पढ़ा दीजिए भूमिका एक पिता की निभा दीजिएकार्यक्रम के संयोजक डॉक्टर सैयद निजामी शैदा राही ने यह कलाम पढ़कर खूब तालियां बटोरीं।तू ही क्या तेरे ख्यालात से डर लगता है बेवफा अब तेरी हर बात से डर लगता है।वरिष्ठ शाइर ऐन0 मीम0 कौसर ने श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया उन्होंने पढ़ा आग किसने लगाई ये मत पूछिए पूछिए आग पर तापता कौन है कार्यक्रम का संचालन कर रहे सैयद अली अब्बास नोगामी ने यह पढ़कर खूब तालियां बटोरीं।ये भी सच है अली अब्बास के इस दुनिया में मेरे अशआर की की़मत नहीं मिलने वाली इरशाद अहमद शरर एडवोकेट ने ग़ज़ल पेश की तुम्हें अपना बनाना चाहता हूं मुक़द्दर आज़माना चाहता हूं मेरठ से पधारे वरिष्ठ शायर वारिस वारसी ने क्या खूब पढ़ा अब तो आजाके मेरी रात सुकूं से गुज़रेमौसमे वस्ल है घनघोर घटा छाई हैशामली से तशरीफ़ लाए नवाज़िश नज़र ने पढ़ा जान तक अपनी मोहब्बत में गंवाने वाले हम मेरी जांन है ताल्लुक़ को निभाने वाले शायर फ़हीम कमलापुरी ने पढ़ाहमारे बाद भी जिंदा रहेंगे दुनिया में मुझे यकीन है अल्फा़ज़ मार नहीं सकते शंभू दत्त त्रिपाठी देवदानपुरी ने कहादीवानगी में आप तो हद से गुज़र गएमन की बुझाने प्यास कुएं में उतर गएखुर्जा से पधारे जीपी सिंह सफ़र ने अपना कलाम पेश किया जो दुआ मां हमें प्यार से देगई वो हर एक रनजो ग़म से बचती रहीडॉक्टर कमल किशोर भारद्वाज ने लूट रहा है चमन आजकल दोस्तों जल रहा है वतन आजकल दोस्तोंखुर्जा से पधारी कवित्री सुमन बाहर ने तरन्नुम से गजल पेश कीवैसा ही हुआ चाहा था जैसा ना करेंगेसोचा था तेरे बारे में सोचा ना करेंगेडॉक्टर असलम बुलंदशहर ने पढ़ाइस लिए हमने अंधेरे में जलाए हैं चिरागरोशनी होगी तो सबका ही फ़ायदा होगा कवित्री नीरज चक्रपाणि ने कहाहर मुश्किल में हमें समझना आता हैपथरीली राहों पर चलना आता है कवि राजेश राज वर्मा ने पढ़ाकदम कदम पर मिलेगी ठोकर तुम्हें जमाने में सुकून पाओगे सिर्फ जाकर शराब खाने में भूतपूर्व एमएलए बुद्ध पाल सिंह सजग ने अपने अनोखे अंदाज में पढ़ा इंसानियत बुढी होती जा रही है अपनी शख्सियत खोती जा रही है हास्य कवि वीरेंद्र चौहान होश ने पढ़ा एक नेता दूसरे नेता से बोल यार ये चुनाव कितने अभूतपूर्व होते हैं कभी तुम भूतपूर्व होते हो कभी हम भूतपूर्व होते हैं इसके अलावा जिन शेयरों कवियों के कलम को श्रोताओं द्वारा पसंद किया गया उनके नाम इस तरह अदीबा नाज़ एटा , लियाकत कमलापुरी ,हरित तोमर, नरेंद्र कर्दम नोएडा, कुमारी इशिका इशू व श्रीमती किरन प्रभा अंत में प्रोग्राम के संयोजक डॉ सैयद निज़ामी शैदा रही ने सबका आभार व्यक्त किया कार्यक्रम देर रात 3:00 बजे तक चल बहुत सफ़ल कार्यक्रम रहा सभी ने इस कार्यक्रम की खूब प्रशंसा की ।

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