खैरात नहीं गरीबी और मजदूरों का अधिकार है मनरेगा
बुलंदशहर : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के देशव्यापी “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी बुलंदशहर के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में गांधी मूर्ति के समक्ष मलका पार्क में एक दिवसीय उपवास किया। उपवास के माध्यम से मनरेगा को बचाने की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर षडयंत्र के तहत मनरेगा को खत्म करने और मजदूरों -गरीबों के अधिकार को खत्म का आरोप लगाया।कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने और धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए रोजगार, सम्मान और अधिकार का कानून है, जिसे छीनने की कोशिश कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आजीविका मिलती है और यह कानून गांवों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कांग्रेस इस जनविरोधी नीति के खिलाफ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और जनजागरण अभियान को और तेज करेगी।मनरेगा बचाओ अभियान की कॉर्डिनेटर प्रज्ञा गौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, नरेंद्र चौधरी और किशन चौधरी ने कहा कि भाजपा मजदूरों को खत्म करने देश में पूंजीवाद लाना चाहती है। मनरेगा के तहत ग्राम प्रधानों के अधिकार खत्म कर कानून को कमजोर किया गया है।जिला उपाध्यक्ष प्रशांत वाल्मीकि, नईम मंसूरी, भजनलाल जाटव, साजिद चौधरी और डॉ इरफान ने कहा कि मनरेगा ने गांव के मजदूर को सम्मानजनक जीने का अधिकार दिया और उसको आर्थिक रूप से सशक्त किया था लेकिन मोदी सरकार इसको कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मंसूबा मजदूर और गरीब को कमजोर करके देश को कमजोर करने का है ।कांग्रेस ने मोदी सरकार से मनरेगा का नाम न बदलने, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए करने, पंचायतों के अधिकार बहाल करने और काम की गारंटी देने की मांग की है। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान, कॉर्डिनेटर प्रज्ञा गौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, नईम मंसूरी, नरेंद्र चौधरी, साजिद गाजी, प्रशांत वाल्मीकि, मनीष चतुर्वेदी, डॉ एसडी शर्मा, देशदीपक भारद्वाज, अनिल शर्मा, आशु कुरैशी, डॉ इरफान, साजिद चौधरी, ज्ञानेंद्र राघव, भजनलाल जाटव, दिनेश शर्मा, शिवकुमार शर्मा, शकील अहमद, किशन चौधरी, दिनेश शर्मा, मुनीर अखबार, सुभाष शर्मा, सचिन वशिष्ठ फिरोज खान, विकास शर्मा, शोएब खान, सैय्यद अमान, नजमी चौधरी, शाकिब मुकद्दम, इशू शर्मा, चांद खान, सगीर अहमद, नवाब खान, शहर अध्यक्ष रवि लोधी, शाहनवाज, विजय जैनवाल, हाफिज जीशान, रिक्की सिरोही, अब्दुल रहमान मंसूरी, मुन्नीलाल दिवाकर, साहिल शाह, सादिक सैफी, शेर खान, अखिल खान, मोहनलाल, चंद्रपाल सिंह एड, अफसान राणा आदि सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे ।
