बुलंदशहर

ईओ के बिगड़े बोल

पहले ईओ की मानसिकता क्या मुझे नहीं पता, मेरा आदेश अटल
सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक पर फिर नगर पालिका मेहरबान,
-चार वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारी को पुनः नौकरी पर रखने को बताया था नियमविरुद्ध

जहाँगीराबाद । नगर पालिका परिषद खुद के बताए नियमों को ही तोड़ने लगी है। पूर्व में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को पुनः सेवा पर रखे जाने को नियमविरुद्ध बताने वाली नगर पालिका एक सेवा निवृत्त प्रधान लिपिक को पुनः आउटसोर्सिंग पर रखे जाने के कारण चर्चा में बनी हुई है। उस पर भी नगर पालिका की वर्तमान ईओ द्वारा तत्कालीन ईओ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए खुद के आदेश को सही बताया जा रहा है। जिस सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक को पुनः नगर पालिका में रखा जा रहा है उसको लेकर पूर्व में भी तमाम शिकायतों के दौर चलते रहे हैं।

बता दें कि वर्ष 2018 में नगर पालिका के एक सेवा निवृत्त कर्मचारी द्वारा नगर पालिका की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। जिसके जवाब में तत्कालीन ईओ संदीप सक्सेना ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को पुनः सेवा पर रखे जाने को नियमविरुद्ध बताकर शिकायत का निस्तारण कर दिया था। इस मामले के चार साल बाद नगर पालिका से सेवानिवृत्त हुए प्रधान लिपिक सन्तोष भारद्वाज को फिर से आउटसोर्सिंग पर रख लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक जिस सेवा निवृत्त प्रधानलिपिक को आवश्यकता का बहाना बनाकर पुनः आउटसोर्सिंग के माध्यम से नगर पालिका में एंट्री करवाई जा रही है उसको लेकर पूर्व में कई बार विवाद होते रहे हैं। सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक के भाई को नगर पालिका से ठेके मिलने की भी शिकायते होती रही हैं। वर्तमान में भी नगर के गांधी चौक में एक सड़क निर्माण कार्य के शिलापट पर ठेकेदार के रूप में आउट सोर्सिंग पर रखे गए प्रधानलिपिक के भाई का नाम अंकित है। हालांकि इस बात की चर्चा होने के बाद आनन फानन में उस बोर्ड को वहां से हटवा दिया गया है।

इंसेट सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक पर मेहरबान रही है नगर पालिका
जहाँगीराबाद नगर पालिका के जिस सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक को लेकर फिर से हंगामा चालू हुआ है उस पर नगर पालिका शुरू से ही मेहरबान रही है। प्रधान लिपिक के पद पर रहते हुए ही उसके पुत्र को भी नगर पालिका में आउट सोर्सिंग पर रखा गया था। कस बारे में सभासदों स्वर ऐतराज़ उठाने के बाद प्रधान लिपिक के पुत्र ने स्वयं ही नौकरी छोड़ दी थी।

इंसेट कार्यानुभव के बहाने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी जाती है नौकरी
बेरोजगार घूम रहे नौजवानों को नौकरी देने के स्थान पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कार्यानुभव का बहाना बनाकर नौकरी पर वापस बुला लिया जाता है। सरकारी दफ्तरों की इसी मनमानी के चलते नौजवानों को मौका नहीं मिल पाता और वो बेरोजगार घूमते हैं जबकि सरकारी पेंशन की मलाई चाटने वाले वाले कर्मचारी को आउटसोर्सिंग का लड्डू और थमा दिया जाता है।

कोट पहले ईओ ने किस मानसिकता के साथ क्या किया इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अब भी सेवानिवृत्त प्रधान लिपिक को थर्ड पार्टी ने आउट सोर्सिंग पर रखने का निर्णय लिया है।
अमिता वरुण, ईओ नगर पालिका परिषद जहाँगीराबाद।

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