बुलंदशहर : के ब्लॉक अनूपशहर सहित समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की ओर से यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा रही है। मामला Poshan Tracker एप पर एफआरएस के माध्यम से टीएचआर वितरण की अनिवार्य फीडिंग से संबंधित है, जिसे शासन के निर्देशों के अनुसार लागू किया गया है।
कार्यकर्त्रियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर एप बार-बार बंद होना, सर्वर डाउन रहना, नेटवर्क समस्या और डेटा सेव न होना जैसी गंभीर तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। इसके कारण एक ही कार्य को कई बार करना पड़ता है और लाभार्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया गया कि फील्ड में आकर प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन करें तथा कैंप लगाकर सहयोग दें, परंतु ऐसा नहीं किया गया। ज्ञापन भी विधिवत स्वीकार नहीं किया गया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
कई कार्यकर्त्रियों के पास निजी स्मार्टफोन, नियमित रिचार्ज और पर्याप्त प्रशिक्षण तक उपलब्ध नहीं है, फिर भी समयबद्ध ऑनलाइन फीडिंग का दबाव बनाया जा रहा है। यदि एप पर कार्य पूर्ण दिख रहा है लेकिन पोर्टल पर डेटा नहीं दिख रहा, तो यह तकनीकी त्रुटि है — न कि कार्यकर्त्रियों की लापरवाही।
साथ ही अगस्त से चार-चार महीने का मानदेय केवाईसी में देरी के आधार पर रोक दिया गया है, जो अत्यंत अन्यायपूर्ण है।
प्रमुख मांगें:
पोषण ट्रैकर की तकनीकी खामियों का तत्काल समाधान।
सभी कार्यकर्त्रियों को स्मार्टफोन, रिचार्ज व संसाधन उपलब्ध कराना।
विधिवत प्रशिक्षण व फील्ड में तकनीकी सहयोग।
तकनीकी त्रुटियों पर दंडात्मक कार्रवाई न हो।
लंबित एवं काटे गए मानदेय का शीघ्र भुगतान।
यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पोषण ट्रैकर की तकनीकी खामियों का खामियाजा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को क्यों?
