ऋतुराज वसन्त में कफप्रकोप से रहें सावधान

बुलंदशहर : में नगर के यमुनापुरम स्थित समता आयुर्वेदिक सेंटर पर सोमवार 16 फरवरी को निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया गया ।जिसमें आये हुए रोगियों को चिंहित करते हुए आवश्यकतानुसार गुदारोगियों को क्षारसूत्र एवं गम्भीर रोगों से पिड़ित रोगियों को पञ्चकर्म चिकित्सा की सलाह दी गई ।इस अवसर पर आये हुए लोगों को सम्बोधित करते हुए क्षारसूत्र एवं पञ्चकर्म चिकित्सा विशेषज्ञ वैद्य हितेश कौशिक ने बताया कि वसन्त ऋतु में सुबह ,शाम व रात्रि में ठंड एवं दिन में गर्मी की जो अवस्था है वह प्रकृति के अनुसार ही होती है जिसके कारण हेमन्त ऋतु में संचित ( एकत्रित) हुआ कफ पिघलकर वसन्त ऋतु में प्रकुपित हो जाता है।इस कारण अग्निमांद्य होने से शरीर में कफ के रोग हो जाते हैं ।जैसे-सांस लेने में तकलीफ, खांसी, जुकाम, बुखार,साइनोसाइटिस, कफजमेह,माइग्रेन, शरीर में सूजन, भारीपन, जकड़न आदि ।इन सभी रोगों से बचाव के लिए पञ्चकर्म में वमन कराना चाहिए तथा नस्य का प्रयोग भी श्रेष्ठ रहता है।इसी के साथ गर्म हल्का एवं चिकनाई रहित भोजन का प्रयोग ,पुराने अनाज का प्रयोग करना चाहिए ।सोंठ को पानी में उबालकर,गुनगुने पानी में शहद मिलाकर लेना चाहिए।विजयसार अथवा चन्दन अथवा षड्ंग का पानी लेना चाहिए । व्यायाम एवं उबटन का प्रयोग करना चाहिए।वैद्य हितेश कौशिक ने बताया कि वसंत ऋतु में सभी जीर्ण रोगों से पीड़ित रोगियों को पञ्चकर्म चिकित्सा कराने पर चिकित्सा शुल्क में छूट दी जायेगी ।शिविर में संतोष, लता रानी, कांति आदि का विशेष सहयोग रहा।

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