आसमान से गिरे खजूर में अटके रेप की शिकार नाबालिग लड़की को अपने साथ ले गई कथित महिला नेता लड़की वापस लौटाने की एवज में मांग रही है पैंतीस हजार रुपए

औरंगाबाद : बुलंदशहर राजेन्द्र अग्रवाल एक कहावत है कि आसमान से गिरे खजूर में अटके यह कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है एक गरीब मजदूर की बेटी और उसके असहाय मां बाप के उपर। मौहल्ला गोलाकुंआ निवासी एक मजदूर की साढ़े तेरह साल की नाबालिग बेटी के साथ 27 मार्च 24की रात्रि में पडौसी के बेटे ने उस समय जबरन मूंह काला किया जब वह रोजा इफ्तार करके उपर छत पर सोई हुई थी। लड़की की चीख-पुकार सुनकर भाई मां आदि छत पर पहुंचे तो आरोपी छत से कूद अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने छेड़छाड़ की मामूली धाराओं में मामला दर्ज कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। मामला मीडिया में प्रकाशित हुआ और बुलंदशहर आवास विकास में रहने वाली एक महिला नेता पीड़िता की मां को साथ लेकर कप्तान श्लोक कुमार के दरबार में न्याय दिलाने पहुंच गयी। कप्तान के कठोर निर्देश रंग लाये और मामला रेप की धारा में तब्दील हो गया। न्यायालय ने पीड़ित नाबालिग बालिका को मां बाप की सुपुर्दगी में सौंप दिया।न्यायालय में मौजूद कथित महिला नेता ने नाबालिग बालिका के माता-पिता से कहा कि अभी बच्ची डरी सहमी हुई है और मौहल्ले में बदनामी होगी इसलिए बच्ची को मेरे साथ भेज दो वो मेरी बेटी के साथ रहकर एक दो दिन में सामान्य हो जायेगी तब उसे लिवा ले जाना। कथित महिला नेता ने पीड़ित परिवार को यह भी बताया कि अभी और भी कानूनी कार्रवाई होगी इसके लिए बार बार कचहरी अदालत में जाना पड़ेगा मैं सब काम पूरा करा दूंगी।मां बाप कथित महिला नेता के अहसानों के बोझ तले दब कर अपनी नाबालिग बेटी को उसके हवाले कर आये। पीड़िता बच्ची की मां ने रोते पीटते बताया है कि उक्त कथित महिला नेता अब बच्ची को वापस नहीं लौटा रही है जबरन उसे अपने घर में बंधक बनाये हुए है। वो पैंतीस हजार रुपए मांग रही है कि मेरे पैंतीस हजार रुपए खर्च हुए हैं वो देकर अपनी बेटी को ले जाना। परेशान मां बाप दो बार महिला नेता के घर अपनी बेटी को छुड़ाने गये लेकिन हर बार मायूसी ही हाथ लगी है। पीड़िता के मां बाप अब फिर से पुलिस कप्तान से मदद मांगने जिला मुख्यालय रवाना हुए। उन्होंने अपनी बच्ची के साथ कुछ ग़लत होने का भी अंदेशा जताया है।

Spread the love