स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति आदेश को रद्द कराने एवं लंबित मांगों को पूरा करने के लिए सड़कों पर उतरकर गरजे शिक्षक मलका पार्क से पैदल मार्च कर जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन

बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के आदेश का तीन दिन से लगातार उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर सहित अन्य जिलों में शिक्षक शिक्षिकाएं कर रहे विरोध प्रदर्शन, आज शिक्षक शिक्षिकाओं ने सड़कों पर उतरकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के आदेश को वापस करने हेतु सड़कों पर उतरकर विरोध जताया एवं लंबित मांगों को पूरी करने के लिए गरजे शिक्षक। जिन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया ज्ञापन। जिससे इस ऑनलाइन उपस्थिति के आदेश को वापस किया जा सके।बता दें कि परिषदीय विद्यालयों में पंजिकाओं के डिजिटाइजेशन और परिषदीय शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में तथा शिक्षकों की लंबित मांगों के समर्थन में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आज जनपद बुलंदशहर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के नेतृत्व में परिषदीय शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों ने जिलाधिकारी के माध्यम मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद यादव और जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि जब तक परिषदीय शिक्षकों के लिए वर्ष में 15 सीएल, 30 ईएल, हाफ डे सीएल, प्रत्येक माह के दूसरे शनिवार को अवकाश, कैशलेस चिकित्सा सुविधा नहीं दी जाती है तब तक परिषदीय शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति और पंजिकाओं के डिजिटाइजेशन का विरोध करता रहेगा। जिला मंत्री अरुण राठी और कोषाध्यक्ष कौशल किशोर ने कहा कि सरकार पहले प्रत्येक विद्यालय में एक लिपिक की नियुक्ति और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति करे तथा ऑनलाइन उपस्थिति के लिए संगठन के साथ बैठकर शिक्षकों की व्यवहारिक समस्याओं का समाधान करते हुए सहमति बनाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्भयनंद शर्मा और संयुक्त मंत्री पंकज गुप्ता ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। आज के ज्ञापन कार्यक्रम को अपना समर्थन देते हुए उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष महेश चंद और महामंत्री रंजीत सिंह ने कहा कि सरकार पहले शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करे, उन्हें राज्य कर्मचारियों की तरह सुविधा प्रदान करे और तब शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति के बारे में सोचे। धरना प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम में अनीता त्यागी, राजीव मोहन शर्मा, अंजना महेंद्र सिंह, मोनिका भाटी, सुनीता सोलंकी, सविता चौधरी, प्रियंका, लोकेंद्र सिंह, अंकुर सिरोही,राजेंद्र सिंह, केहर सिंह,दिनेश कुमार, रविराज सिंह, अशोक यादव, अमित यादव, विनोद बालियान, प्रवीण कुमार, राजीव राघव, सोमेंद्र सिंह, पवन कुमार, श्रीपाल सिंह, संतराम बढ़ाना, जगबीर सिंह, अजीत कुमार, सत्यवीर सिंह, सुरेंद्र शर्मा, मूलचंद शर्मा दिलीप सिंह, गजेंद्र चौधरी, नरेंद्र यादव, मिताली चौधरी, रितु कासना, चित्रा बंसल, स्वाति सिन्हा, प्रणव कुमार, समरपाल सिरोही, सुदेश पाल, नौशाबा,गीतिका सिंघल ,नेत्रपाल, धर्मेंद्र चौधरी, नवल किशोर, विनीत पवार, विक्रांत यादव, अशरफ अली, अहमद अली,राजकुमार राघव,इफ्तखार अहमद,ओमप्रकाश, आदि हजारों शिक्षक शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

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