औरंगाबाद : बुलंदशहर देव प्रतिमाओं की स्थापना करना कोई नई बात नहीं लेकिन अपने मंदिर में देव प्रतिमाओं के साथ देवतुल्य अपने जीवन दाता मात पिता की प्रतिमा स्थापित कराना समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण अवश्य पेश करता है।उक्त उदाहरण पेश किया नरसैना थानांतर्गत ग्राम प्याना खुर्द निवासी प्रमोद कुमार शर्मा ने।सेवा निवृत्त जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रहे प्रमोद कुमार शर्मा जो कि वर्तमान में रामपुर में स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष पद को सुशोभित कर रहे हैं ने बताया कि मनुष्य कभी भी अपने जन्मदाता माता पिता का ऋण नहीं चुका सकता है। उनकी सेवा करने से मानव जीवन सफल हो जाता है और उसका लोकपरलोक सुधर जाता है। उन्होंने बताया कि उनकी अर्धांगिनी अंजू शर्मा ने मुझे इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया और हर संभव सहयोग दिया।शर्मा ने गांव स्थित अपने आवास पर निर्मित मंदिर में सोमवार को जगत जननी मां दुर्गा, भगवान शिव एवं उनके समस्त परिवार के साथ साथ अपने स्वर्गीय पिता विभीषण लाल शर्मा एवं स्वर्गीय माता सुशीला देवी की मूर्ति स्थापना समारोह पूर्वक कराई। दो दिवसीय अनुष्ठान किये गये। पूजा अर्चना पंडित अनिल कुमार शर्मा ने संपन्न कराई। हवन यज्ञ किया गया तत्पश्चात विशाल भंडारा आयोजित किया गया जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आये हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर डाक्टर शिवदत्त शर्मा,किशन पाल शर्मा, धनश्याम, लोकेश पिंकेश दिनेश ब्रजराज, प्रमोद कुमार शर्मा की पत्नी अंजु शर्मा, पुत्रियां नेहा सत्यम कृष्णा,प्राची साहिल सुमन तथा पुत्र विनायक ने व्यवस्था संभाली।

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