शिकारपुर (रीशू कुमार) : त्याग और बलिदान के त्योहार ईद-उल-अजहा बकरीद के मौके पर नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों की मस्जिदों में नमाज अदा की गई लोगों ने नमाज अदा करते हुए अमन चैन की दुआ मांगी नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की बधाई दी इस मौके पर ईदगाहों व मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे बकरीद के मौके पर बारह खम्भा चौराहे स्थित ईदगाह, सलैमपुर तिराहे स्थित ईदगाहों आदि सहित सभी मस्जिदों में बकरीद नमाज अदा की गई।

इस दौरान शान्ति व्यवस्था कायम रखने के लिए तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पूरी तरह चौकस रहा ईद के पर्व को लेकर मुस्लिम बहुल बस्तियों में काफी चहल पहल थी सुबह से ही बकरीद की तैयारियों में मुस्लिम समुदाय के लोग जुटे हुए थे बकरीद की नमाज अदा करने के लिये नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र की विभिन्न ईदगाहों व मस्जिदों में लोगों की काफी भीड़ लगी हुई थी नमाज से पहले इमामों ने ईद-उल-अजहा के बारे में लोगों को काफी तफसील से जानकारी दी बताया कि बकरीद बलिदान और समर्पण का त्योहार है यह समाज में मेल-मिलाप के साथ आपसी भाईचारे को बढ़ाने का पैगाम देता है नमाज खत्म होने के बाद इमाम सहित तमाम नमाजियों ने सामूहिक रूप से अपने मुल्क की खुशहाली व अमन-शान्ति कायम रखने की अल्लाह तआला से दुआएं मांगी वहीं ईद के पर्व पर एक-दुसरे को गले मिल कर ईद की मुबारकबाद दी और छोटे बच्चों को ईदी दी।

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