माँ ने नाकारा परिवार ने नाकारा पहुंची एसएसपी के द्वार, न्याय पाने की गुहार

बुलंदशहर : के थाना सिकन्द्राबाद छेत्र के ग्राम गाजीपुर की रहने वाली कविता ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है की उसके पिता देव नारायन यादव ने कारगिल युद्ध मे अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उसके पिता जब युद्ध में शहीद हुए थे तब वह मात्र 6 माह की थी। सरकार द्वारा मिलने वाली सभी सुविधाएँ उसकी माँ मंजू देवी ने प्राप्त की थी। लेकिन उसकी माँ का व्यवहार सही न होने के कारण उसके शहीद पिता को मिली सभी सुविधाओं का गलत इस्तेमाल किया तथा अपने निजी सुख के लिये पीड़िता का उत्पीड़न करने लगी।पीड़िता अपने शही पिता की इकलौती संतान है। पीड़िता ने अपनी मां पर आरोप लगाया है कि उसकी मां का चाल चलन ठीक नहीं रहा ही जिस कारण शहीद बेटी का सब कुछ हड़पकर शहीद के भाई से शादी करने के बाद तलाक देकर अपने निजी स्वार्थ के लिए मामा और मामा के साले के पास रह रही है। पीड़िता का कहना है कि वह आप बालिग़ है लेकिन ab अकेली और अनाथ के रूप मै जीवन व्यतीत कर रही है और बी०ए० तक शिक्षा प्राप्त करके आगे की पढ़ाई बन्द कर भूखी मरने को मजबूर है।पीड़िता का आरोप है कि सरकार से मिली करोड़ो की संपत्ति को उसकी मां और मामा उसका साला हड़प कर उसे अनाथ छोड़ दिया है। पीड़िता ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगायी है। पीड़िता ने अपने मामा और उसके साले पर भी गलत नियत रखना और मारपीट करने का आरोप लगाया है।

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