विदेश

भारत भी ब्रिटेन के नागरिकों के लिए नए दिशानिर्देश जारी करेगा: सूत्र

नई दिल्‍ली, 8 अक्‍टूबर। ब्रिटेन ने फुल वैक्‍सीनेटेड भारतीयों के लिए यात्रा प्रतिबंधों में नरमी बरती हैं और जिन्‍हें कोविडशील्‍ड लगी हैं उन भारतीय नागरिकों के ब्रिटेन पहुंचने पर टेस्टिंग और क्‍वारंटाइन की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। वहीं यूके के द्वारा नियमों में ढिलाई बरतने के बाद भारत स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय जल्‍द ही बिट्रेन से भारत आने वाले लोगों के निए नई गाइडलाइन जारी कर सकता है।

सूत्र के हवाले से आई खबरों के अनुसार ब्रिटेन के द्वारा भारतीय यात्रियों के प्रति नरमी बरते जाने के बाद भारत ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर सकता है।

गौरतलब है कि ब्रिटेन ने गुरुवार को ऐलान किया कि 11 अक्‍टूबर से भारत समेत 41 देशों से यूके आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना संबंधी सभी पाबंदियों को समाप्‍त कर देगा। जिन देशों से बिट्रेन आने वाले यात्रियों की संख्‍या अधिक है यूके उनका वैक्‍सीनेशन स्‍टेटस चेक करेगा।

ब्रिटेन के नए नियमों के अनुसार यूके पहुंचने वाले ऐसे यात्री जिन्‍होंने वैक्‍सीन की दोनों डोज लगवा ली है उन्‍हें 11 अक्‍टूबर से क्‍वारंटाइन नहीं रहना होगा। यह कदम उन हजारों भारतीयों के लिए राहत की बात है जो काम, पढ़ाई और आराम के लिए यूके जाते हैं।

दिशा-निर्देशों में बदलाव के कुछ दिनों बाद दिल्ली ने भारतीय नागरिकों पर यूके यात्रा प्रतिबंधों के प्रतिशोध में ब्रिटिश नागरिकों पर पारस्परिक उपाय किए। बता दें कोविशील्ड को लेकर दोनों देशों के बीच कुछ समय से परेशानी चल रही है, जो एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के भारतीय निर्मित वर्जन है जो लाखों बिट्रेन को दी जाने वाली डोज के समान है।

यूके ने पहले कोविशील्ड को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। इसलिए, पूरी तरह से टीका लगाए गए भारतीय यात्रियों को अभी भी 10 दिनों के लिए अलग-थलग करना पड़ा और कोविड -19 परीक्षण करना पड़ा – अपने खर्च पर – इससे पहले कि उन्हें क्‍वारंटाइन छोड़ने की अनुमति दी गई।

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