बुलंदशहर : आज के बदलते परिवेश में जहां हर जगह शारीरिक, मानसिक बिमारियों से लोग परेशान है। मानसिक रूप से बच्चे, बड़े सभी परेशान होकर निर्णय न लें पाने के कारण जीवन को समाप्त कर रहे हैं ऐसे समय में योग न केवल हमारे शरीर की मांसपेशियों को अच्छा व्यायाम देता है. बल्कि यह हमारे दिमाग को शांत रखने में भी मदद करता है। चिकित्सा अनुसंधान से पता चला है कि योग शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। विद्यार्थी जीवन में योग मानसिक संतुलन बनाकर हर परिस्थिति का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है। वर्तमान समय में शासन ने भी सुबह योग के द्वारा ही विद्यालय को प्रारंभ करने की समय सारणी तैयार की। इस बात को जानते सभी है लेकिन इस योग प्राणायाम को दैनिक छात्रों तक सुलभ कराने का कार्य किया मिशन शिक्षण संवाद टीम ने। जिसने योग को छात्रों तक कैसे पहुंचाया जाए इसके लिए प्रदेश स्तर से जनपद स्तर तक एक टीम बनाकर इस कार्य को शुरु किया। विगत 6 वर्षों से लगातार योग की एक पोस्ट प्रतिदिन हर जनपद के समूह में पहुंच रही हे जिसमे योग, प्राणायाम, आसान का एक चित्र उसको करने की विधि एवम् उसके लाभ हानि आदि से परिचित कराया जाता है। प्रदेश स्तर के योग शिक्षा में पारंगत अनुभवी शिक्षकों द्वारा ये कार्य किया जाता है. जिससे छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जनपद स्तर पर अगर इसकी बात की जाए तो अनेक विद्यालय दैनिक इस कार्य में विधिवत प्रतिभाग कर रहे हैं। साथ ही छात्रों के साथ स्वयं योग करके उनको प्रेरित करते हैं। जिले के कुछ विद्यालय जैसे प्राथमिक विद्यालय अहमदगढ़ न. 2, पहासू की शिक्षिका नीतू देवी , संविलियन विद्यालय जिनाई, अनूपशहर की शिक्षिका स्वीटी सिंह, संविलियन विद्यालय नया बांस , सिकंद्राबाद की शिक्षिका नवीन रस्तोगी और संविलियन विद्यालय निजामपुर, सिकंद्राबाद की शिक्षिका शिल्पी गोयल का कहना है कि योग हर उम्र के व्यक्ति के लिए आवश्यक है विद्यालय में नियमित योग से छात्रों को बहुत लाम हुआ है। । संविलियन विद्यालय निजामपुर , सिकंद्राबाद की शिक्षिका शिल्पी गोयल जो मिशन शिक्षण संवाद योग समूह की एडमिन है उनका कहना है कि योग जीवन में वर्तमान समय की मांग है। छात्रों को वर्तमान समय में योग से अवश्य जोड़ना चाहिए। जनपद स्तर पर योग समूह को संचालित करने वाली शिक्षिका शिल्पी गोयल, संविलियन विद्यालय निजामपुर , सिकंद्राबाद ने बताया कि जनपद में अनेक विद्यालय इसमें जुड़कर योग से छात्रों को जोडकर इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं। बच्चों को योग गुरु बनाकर दूसरे बच्चों को योग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। बच्चे घर पर योग करते हैं और अपने अभिभावकों को भी प्रेरित करते हैं। शिक्षक बच्चों को योग की तरफ प्रेरित करने के लिए योग प्रतियोगिता अपने विद्यालयों में करवाते हैं और बच्चे उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हैं।शिक्षक भी बच्चों के साथ योगाभ्यास करके बच्चों को प्रेरित करते हैं।

Spread the love