शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, योगी सरकार पर हिंदुओं के अपमान का आरोप

बुलंदशहर : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज पर एफआईआर के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। भाजपा की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि वर्तमान सरकार सच सुनने को तैयार नहीं है। जो भी व्यक्ति सरकार को सही सलाह देता है या जनहित में आवाज उठाता है, उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। इसी हठधर्मिता के चलते ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों को लगातार परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है। कांग्रेसियों ने “शंकराचार्य का अपमान- नहीं सहेगा हिन्दुस्तान” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या जैसे पावन अवसर पर शंकराचार्य जी और उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया। उनके साथ आए बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें थाने ले जाकर प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं, अब शंकराचार्य, उनके शिष्य एवं श्रद्धालु ब्रह्मचारियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई है, जो अत्यंत निंदनीय है। ज्ञापन में कांग्रेस ने पीएम मोदी से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दर्ज एफआईआर को तत्काल समाप्त करने, एफआईआर दर्ज कराने वालों की पृष्ठभूमि, परिस्थितियों एवं संभावित प्रेरक तत्वों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में कांग्रेस ने शंकराचार्य एवं सनातन धर्म का अपमान करने वाली भाजपा और यूपी सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का उत्पीड़न और अपमान योगी सरकार के इशारे पर राजनीतिक द्वेषवश किया जा रहा है, जिससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रदान करते हैं और शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र न्यायोचित कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन पंडित और भजनलाल विमल ने कहा कि पीएम मोदी को सनातन के सम्मान और देशहित में तत्काल यूपी में दखल देकर शंकराचार्य का अपमान करने और उनपर झूठी एफआईआर करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए । जिला उपाध्यक्ष प्रशांत बाल्मिकी, आदर्श देव शर्मा और राजेंद्र कश्यप ने कहा कि भाजपा हिंदूवादी कहती है लेकिन उसके काम सब हिंदू विरोधी हैं । उन्होंने कहा कि सनातन समाज के लोगों को जागरूक होकर शंकराचार्य के अपमान के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।इस अवसर पर राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर प्रदीप सरोहा, सुभाष गांधी, प्रशांत बाल्मिकी, डूंगर सिंह, भजनलाल विमल, पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, किशन चौधरी, ऋषि गौतम, वीरेंद्र सैनी, अनिल शर्मा, चंद्रपाल सिंह, साजिद गाजी, नईम मंसूरी, गुरबचन सिंह, लक्ष्मी नारायण शर्मा, सचिन वशिष्ठ, इसराइल गहलोत, अजय कुमार, विमलेश बाल्मिकी, सुरेंद्र राघव, धर्मेंद्र महावर, मुनेश शर्मा, अभिनव ठाकुर, देशदीपक भारद्वाज, नवीन अंबेडकर, प्रोफेसर टेकचंद, मोहनलाल, आफताब एडवोकेट, दानिश कुरैशी, नरेंद्र बाल्मिकी, सादिक सैफी, उम्मेद सूर्यवंशी, अब्दुल रहमान मंसूरी, सतेंद्र ठाकुर, हाफिज जीशान, चंद्रपाल सिंह, तरुण गिरी , पुष्पेंद्र चौधरी, राजेंद्र कश्यप, युवनिश शर्मा, संदीप, आदर्शदेव शर्मा आदि मौजूद रहे।

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